
उत्तराखंड पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयां बनाकर बाजार में बेचने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रदीप कुमार (निवासी पानीपत, हरियाणा, वर्तमान पता: अपटॉउन स्केला सिटी, जीरकपुर) और उसकी पत्नी श्रुति डाबर (निवासी पानीपत, हरियाणा) के रूप में हुई है।इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदीप कुमार की फर्जी फर्म साईं फार्मा के बैंक खातों में पिछले दो वर्षों के दौरान नकली दवा की खरीद-फरोख्त से जुड़े लगभग 14 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह उत्तराखंड सहित अन्य छह राज्यों के मेडिकल स्टोरों में नकली दवाइयां सप्लाई कर रहा था। नकली दवाओं की बिक्री से न केवल मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था, बल्कि वैध दवा उद्योग को भी भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए छापेमारी और जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपितों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जा सके।उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि दवाइयां हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और संदिग्ध दवाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।