परिसर खाली कराया गया, जाँच में जुटी मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ता
मुंबई।
बॉम्बे हाई कोर्ट को गुरुवार सुबह एक ईमेल के माध्यम से बम धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर को खाली कराया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया।

पुलिस के अनुसार, यह धमकी सुबह लगभग 11 बजे के आसपास कोर्ट प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल के जरिए भेजी गई। मेल में कहा गया था कि हाई कोर्ट परिसर में विस्फोटक रखा गया है, जो किसी भी समय धमाका कर सकता है। सूचना मिलते ही अदालत की कार्यवाही रोक दी गई और सभी जजों, वकीलों, कर्मचारियों और आगंतुकों को बाहर निकालकर सुरक्षा घेरे में लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मुंबई पुलिस, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की टीमें तुरंत हाई कोर्ट पहुँचीं और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू कर दी। कोर्ट के हर हिस्से की मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग्स की मदद से जाँच की गई। फिलहाल किसी विस्फोटक पदार्थ के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने कहा है कि जब तक पूरी तरह संतुष्टि नहीं होती, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।
आम जनता और वकीलों में दहशत
अचानक हुए इस घटनाक्रम से वकीलों, कोर्ट स्टाफ और वहां मौजूद आम जनता में भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कई लोग भागते हुए बाहर आए। हालांकि पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभालते हुए अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
जाँच में जुटी पुलिस
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ईमेल किसने और कहाँ से भेजा है, इसकी जाँच साइबर सेल को सौंप दी गई है। प्रांरभिक जाँच में यह सामने आ रहा है कि मेल किसी फर्जी आईडी से भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत तो नहीं, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
न्यायपालिका की सुरक्षा पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब अदालतों को धमकी मिली हो। इससे पहले भी कई बार देशभर में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण इमारतों को निशाना बनाकर धमकियाँ दी जा चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएँ न्यायपालिका की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सरकार और प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और निगरानी और मजबूत कर दी गई है।