भोपाल में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। दूसरे दिन भी ब्राह्मण समाज का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। मंगलवार को भोपाल के जोन-2 स्थित एमपी नगर क्षेत्र में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म का नाम ही एक विशेष समाज को बदनाम करने वाली मानसिकता को दर्शाता है। समाज के लोगों का आरोप है कि इस तरह के शीर्षक न केवल ब्राह्मण समाज की छवि को धूमिल करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को भी नुकसान पहुंचाते हैं।अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब तक चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि जब तक मध्यप्रदेश में भी एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने फिल्म के निर्माता और कलाकारों के पोस्टरों पर जूते मारकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म का नाम तत्काल बदलने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो इस विरोध को प्रदेशव्यापी आंदोलन में बदला जाएगा।ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और फिल्मों के माध्यम से लगातार एक विशेष वर्ग को टारगेट किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी समाज की गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है।प्रदर्शन के कारण एमपी नगर क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। यातायात व्यवस्था भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क नजर आया।खबर लिखे जाने तक इस मामले में प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।