
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा फर्रुखाबाद की जनता से किए गए वादे को पूरा करते हुए प्रदेश सरकार ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है। यह लिंक एक्सप्रेस वे गंगा एक्सप्रेस वे को सीधे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से जोड़ेगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से आगरा होते हुए राजस्थान तक की यात्रा और भी सुगम व तेज होगी।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया प्रारंभ
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) ने जलालाबाद तहसील की तीन ग्राम पंचायतों के एक हजार से अधिक किसानों की भूमि अधिग्रहण की सूची तैयार कर ली है। दस दिनों के भीतर आपत्तियाँ प्राप्त करने के बाद किसानों को मुआवजा देकर बैनामे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
परियोजना का दायरा
लगभग 125 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेस वे का प्रारंभ इटावा के ताखा तहसील के कुदरैल गांव से होगा और यह हरदोई जिले के कौसिया गांव तक पहुंचेगा, जहाँ यह गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा। इसके मार्ग में इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर जिले सीधे जुड़ेंगे।
इंटरचेंज की सुविधा
रूपापुर चौराहा (जलालाबाद तहसील) के पास इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके अलावा कन्नौज, फर्रुखाबाद और मैनपुरी में भी इंटरचेंज विकसित किए जाएंगे, जिससे आसपास के जिलों के लोग आसानी से एक्सप्रेस वे का उपयोग कर सकेंगे।
यात्रा में समय की बचत
यद्यपि नई सड़क से दूरी बढ़कर लगभग 260 किलोमीटर हो जाएगी, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली सड़क पर तेज गति से सफर करने के कारण यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह मार्ग मथुरा, वृंदावन और आगरा पहुंचने के लिए हरदोई, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, खीरी समेत अनेक जिलों के लोगों के लिए बड़ा विकल्प साबित होगा।
स्थानीय विकास को गति
इस परियोजना से न केवल प्रदेश के छह जिलों को सीधा लाभ मिलेगा बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।