प्रशिक्षण राष्ट्र-प्रहरी के रूप में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करता है : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल,

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल अधिकारी तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और सजग राष्ट्र-प्रहरी का निर्माण करना है। प्रशिक्षण व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा प्रतिभागियों को एक-दूसरे के राज्यों की संस्कृति, विशेषताओं और विविधताओं को समझने का अवसर देता है, जिससे विविधता में एकता की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों की विशिष्टताओं और प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों का देशहित में उपयोग कर “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के निर्माण में योगदान दें।राज्यपाल श्री पटेल गुरुवार को सशस्त्र सीमा बल (एस.एस.बी.) अकादमी, भोपाल के प्रशिक्षु सहायक कमांडेंट्स को लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित सौजन्य भेंट कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को राष्ट्र के प्रतिष्ठित बल में चयन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।राज्यपाल ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं जिन्हें सशस्त्र सीमा बल का हिस्सा बनकर माँ भारती की सेवा का अवसर मिला है। आपकी वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है। इसी वर्दी के साये में देशवासी स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। जब आप परिवार से दूर सीमाओं पर तैनात होकर देश की रक्षा करते हैं, तब देशवासी चैन और शांति की नींद सो पाते हैं।उन्होंने कहा कि ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का पालन करने वाले अधिकारी ही समाज में विश्वास और सम्मान अर्जित करते हैं। प्रशिक्षु अधिकारी निष्ठा, समर्पण और साहस के साथ राष्ट्र की सेवा करें तथा सशस्त्र सीमा बल की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएं।राज्यपाल श्री पटेल ने वर्तमान समय की चुनौतियों—आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, नक्सलवाद, तस्करी, साइबर अपराध और असामाजिक गतिविधियों—की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्र-प्रहरी के रूप में आपके निर्णय और कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक ज्ञान, शारीरिक एवं मानसिक सक्रियता के नए मानक स्थापित करने का आग्रह किया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि असामाजिक और राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर कठोर नियंत्रण हो, जबकि जनसेवा में निष्पक्षता, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता सर्वोपरि रहे, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और जनता सुरक्षित महसूस करे।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त करने, उनके अनुभवों से सीखने और अर्जित ज्ञान को सहकर्मियों के साथ साझा करने की भी सलाह दी।कार्यक्रम में एस.एस.बी. अकादमी भोपाल के निदेशक श्री बी.एस. जायसवाल ने राज्यपाल का पौधा भेंट कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्री जायसवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री अनुष्का मनियारा एवं श्री अनुराग भार्गव ने अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए। आभार कमांडेंट प्रशिक्षण श्रीमती सुवर्णा सजवाल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कोर्स डायरेक्टर डिप्टी कमांडेंट प्रशिक्षण श्री रोहित शर्मा ने किया। सौजन्य भेंट कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव सहित लोकभवन, एस.एस.बी. के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *