पूर्वी यरुशलम के एम्युनिशन हिल क्षेत्र में स्थित संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के कार्यालय को इजरायली प्रशासन द्वारा बुलडोजर से गिराने की कार्रवाई शुरू किए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। यह कार्यालय वर्षों से फिलिस्तीनी शरणार्थियों और जरूरतमंदों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित किया जा रहा था।यूएनआरडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बयान जारी कर आरोप लगाया है कि इजरायली सेना ने कार्यालय के कर्मचारियों के उपकरण जब्त कर लिए और उन्हें शेख जर्राह इलाके में स्थित इमारत से जबरन बाहर निकाल दिया। एजेंसी ने इसे संयुक्त राष्ट्र के परिसरों पर “अभूतपूर्व हमला” बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र को प्राप्त विशेषाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।वहीं इजरायल ने इस कार्रवाई को एक “ऐतिहासिक दिन” करार दिया है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यूएनआरडब्ल्यूए आतंकवादी संगठनों, विशेषकर हमास, से संबंध रखता है। हालांकि यूएनआरडब्ल्यूए ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इजरायल के विदेश मंत्रालय के अनुसार यह कदम हाल ही में लागू किए गए उस कानून के तहत उठाया गया है, जिसके अंतर्गत आतंकवादी समूहों से जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने कहा कि वर्षों से “आतंक समर्थक” गतिविधियों का आरोप झेल रहे इस कार्यालय को हटाना जरूरी था और यह उनके द्वारा शुरू किए गए कानूनों का परिणाम है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को लेकर बहस और तेज हो गई है।