पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच वर्षों से बंद पड़ा सीधा हवाई संपर्क एक बार फिर शुरू हो गया है। गुरुवार को ढाका से उड़ान भरकर बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस का विमान कराची स्थित जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 14 साल बाद सीधी हवाई सेवा औपचारिक रूप से बहाल हो गई। यह कदम पाकिस्तान और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।Pakistan Airports Authority के अनुसार, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की यह उड़ान गुरुवार शाम कराची पहुंची। विमान के लैंड करते ही हवाई अड्डे पर पारंपरिक वाटर सैल्यूट के माध्यम से उसका स्वागत किया गया। प्राधिकरण ने इस ऐतिहासिक उड़ान को दोनों देशों के बीच सहयोग, संपर्क और आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।गौरतलब है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच लंबे समय तक राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों का बंद रहना लोगों के आवागमन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क में एक बड़ी बाधा बना हुआ था। बीते एक वर्ष से दोनों सरकारें व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से ढाका–कराची के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू करने पर विचार कर रही थीं।विशेषज्ञों का मानना है कि सीधी उड़ानों के शुरू होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए यात्रा भी आसान और कम समय लेने वाली हो जाएगी। इसके अलावा, शैक्षणिक, चिकित्सा और पारिवारिक यात्राओं को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने की योजना की सार्वजनिक घोषणा सबसे पहले अगस्त 2025 में की गई थी। उस समय पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ढाका के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे थे। यह यात्रा एक दशक से अधिक समय में दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक मानी गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को सुधारने, व्यापार बढ़ाने और संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई थी।अधिकारियों के अनुसार, Pakistan Civil Aviation Authority से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही इस रूट पर उड़ानों का संचालन संभव हो सका। प्राधिकरण ने बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में निर्धारित हवाई गलियारों के उपयोग की अनुमति दे दी है। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किए जाने के बाद उड़ानों को हरी झंडी दी गई।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से स्वतंत्रता मिली थी। इसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिले। राजनीतिक मतभेदों और ऐतिहासिक मुद्दों के कारण लंबे समय तक आपसी संपर्क सीमित रहा। हालांकि हाल के वर्षों में दोनों देशों ने व्यावहारिक सहयोग और संवाद के जरिए रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिशें तेज की हैं।सीधी हवाई सेवा की बहाली को इसी सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यह पहल न केवल सरकारों के स्तर पर, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।कुल मिलाकर, ढाका–कराची सीधी उड़ान की शुरुआत पाकिस्तान और बांग्लादेश के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के और रास्ते खुलने की उम्मीद है।