पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक रूप से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भेजा है। पाकिस्तान ने यह नामांकन भारत-पाक तनाव को कम करने में ट्रंप की कथित भूमिका के आधार पर किया है।सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नामांकन मई माह में किया गया था। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक पहल की थी। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के पीछे पाकिस्तान की एक रणनीतिक योजना भी छिपी हो सकती है। इसके माध्यम से पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को प्रगाढ़ कर आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्राप्त करना चाहता है। साथ ही, कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी समर्थन हासिल करने की मंशा भी इसमें निहित मानी जा रही है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की इच्छा जताई थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का स्पष्ट रुख है कि कश्मीर पर कोई भी चर्चा केवल पाकिस्तान के साथ होगी और वह भी केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) तक सीमित रहेगी।डोनाल्ड ट्रंप का नामांकन ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें वाइट हाउस में औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था। इस मुलाकात को अमेरिका-पाक संबंधों में समीपता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।