मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के प्रमुख शहरों – भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और कटनी – में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आयोजित मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट अभ्यास की समीक्षा की। यह अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी के लिए किया गया था।मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टर्स से इस मॉक ड्रिल की रिपोर्ट ली और उनके नेतृत्व में किए गए कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल्स से आपदा प्रबंधन टीमें और नागरिक दोनों ही सजग होते हैं, जो नागरिक सुरक्षा के लिए जरूरी है।डॉ. यादव ने पुलिस मुख्यालय जाकर सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम से इस मॉक ड्रिल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, जहां उन्हें बताया गया कि सभी जिलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही पूरी की गई। उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की पूर्व तैयारियों और क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण भी दिया।इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव जे. एन. कंसोटिया, एडीजीपी ए. साई मनोहर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलेवार जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर्स ने बताया कि नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरी उपाय अपनाने के लिए जिलों के शिक्षित और सजग किया गया है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि निर्धारित समय पर समूचे शहर में प्रकाश व्यवस्था बंद करने की कार्रवाई की गई। ड्रोन द्वारा शूटिंग भी करवाई गई है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि एक पुरानी बिल्डिंग से लोगों को बचाने की रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। ब्लैक आउट की कार्यवाही भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इंदौर कलेक्टर ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज के नजदीक एक भवन में अग्निकांड से बचाव की मॉकड्रिल की गई। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया। ब्लैक आउट की कार्रवाई भी की गई। ग्वालियर कलेक्टर ने भी ब्लैक आउट और अन्य बचाव गतिविधियों के अभ्यास की जानकारी दी। कटनी कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित 12 मिनट अवधि के लिए ब्लैक आउट किया गया। इसके अलावा रेस्क्यू कार्य का अभ्यास भी किया गया।