
देशभर में एक ओर जहां मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं ने भीषण तबाही मचाई है। महाराष्ट्र और राजस्थान में भी भारी वर्षा के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी और आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में म्यांमार-बांग्लादेश तटों के पास 25 सितंबर के आसपास एक नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से कई राज्यों में भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। ओडिशा में 23 से 26 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। इसी तरह, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 24 से 26 सितंबर के दौरान वर्षा का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इससे वहां बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, राजस्थान में मानसून की विदाई के बीच कई जिलों में अचानक हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार हो रही वर्षा ने यातायात और दैनिक जीवन को बाधित कर दिया है।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने कई गांवों को प्रभावित किया है। सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं और बचाव दलों को राहत कार्यों में लगाया गया है। इन राज्यों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।