डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के खिलाफ दो EPIC नंबर और उम्र में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप,

राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार सुबह प्रेस वार्ता कर यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि डिप्टी सीएम ने बांकीपुर और लखीसराय—दोनों जगह से एसआईआर फॉर्म क्यों भरा? साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि नए मतदाता सूची में उनका नाम दो स्थानों पर कैसे दर्ज हुआ? तेजस्वी यादव ने दावा किया कि लखीसराय की मतदाता सूची में उनकी उम्र 57 वर्ष दर्ज है, जबकि बांकीपुर की सूची में 60 वर्ष लिखी गई है।तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से इस मामले की तत्काल जांच की मांग की और कहा कि यदि विजय सिन्हा दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, यदि चुनाव आयोग की ओर से गलती पाई जाती है तो पूरे मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से कार्य होना चाहिए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से यह कहा जा रहा है कि किसी भी राजनीतिक दल ने दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि विपक्ष की ओर से किए गए दावे और आपत्तियों को दिखाया ही नहीं जा रहा है।तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के कथित “उम्र घोटाले” का भी उल्लेख किया और कहा कि अब एक और डिप्टी सीएम पर उम्र और मतदाता पहचान से जुड़ी गड़बड़ी का आरोप सामने आ गया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “गजब हैं बिहार के दोनों डिप्टी सीएम, एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं।”

राजद और कांग्रेस दोनों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने एक "गोदी आयोग" का रूप ले लिया है और विपक्ष की बातों को अनदेखा किया जा रहा है, जो अब तक चुनाव आयोग के इतिहास में असामान्य है।प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि यह मामला जनता के विश्वास और मतदाता सूची की पवित्रता से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मामले पर सवाल उठाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूक रहें।

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