
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में सत्ता संभालने के करीब सात महीने बाद अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी सर्गेई गोर को भारत का राजदूत नियुक्त कर भेजा है। ट्रंप का यह कदम एक बड़े सरप्राइज के रूप में सामने आया है, क्योंकि महज दो दिन पहले तक किसी को इस त्वरित निर्णय की जानकारी नहीं थी।पिछले कार्यकाल में जहां बाइडेन प्रशासन ने भारत में राजदूत नियुक्त करने में दो वर्षों से अधिक का समय लिया था, वहीं ट्रंप ने यह निर्णय अपेक्षाकृत जल्दी लिया। सर्गेई गोर, वॉशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी और “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” (MAGA) एजेंडे के प्रमुख समर्थकों में से एक माने जाते हैं।इस नियुक्ति के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या ट्रंप पिछले चार महीनों में भारत के साथ बिगड़े रिश्तों को सुधारने और दिल्ली से दोस्ताना संबंध बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सर्गेई गोर की नियुक्ति के प्रमुख बिंदु:
- भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
- दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के स्पेशल दूत के रूप में भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
- पाकिस्तान सहित पूरे दक्षिण एशिया पर नजर रखेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा:
“दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के लिए एक ऐसे शख्स को चुना गया है, जिस पर मैं सबसे ज्यादा भरोसा कर सकता हूं, ताकि मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के एजेंडे को पूरा किया जा सके।”