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जुलाई की झमाझम बारिश से बदला मानसून का मिजाज, मध्यप्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज,

मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जून महीने में अपेक्षा से कम बारिश के कारण जहां किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई थी, वहीं जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई लगातार वर्षा ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। प्रदेश में अब तक औसतन 234.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। साथ ही पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट भी जारी किया गया है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई की शुरुआत से सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम ने पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश कराई है। इसका सबसे अधिक लाभ पश्चिमी मध्यप्रदेश को मिला है, जहां कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है, हालांकि आने वाले दिनों में वहां भी बारिश बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। के 32 जिलों में इस बार सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, हरदा, बैतूल, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, रतलाम, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा सहित कई जिले शामिल हैं। दूसरी ओर पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मंडला और टीकमगढ़ जैसे जिलों में अब भी औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है।मौसम विभाग ने पन्ना और सतना में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताते हुए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, शिवपुरी, जबलपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।बीते 24 घंटों के दौरान मंडला, सिंगरौली, बालाघाट, बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, सतना और सीधी सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिली है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा।इस मानसून सीजन में देवास जिला सबसे आगे रहा है, जहां सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जिले में अब तक लगभग 18 इंच बारिश हो चुकी है। हरदा में करीब 15 इंच, इंदौर और सीहोर में लगभग 14 इंच तथा भोपाल में 13 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं आगर-मालवा, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, खंडवा, खरगोन, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन और विदिशा सहित कई जिलों में भी सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज की गई है।मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के आसपास सतर्क रहने, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो प्रदेश में जलाशयों का जलस्तर बढ़ेगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और खरीफ सीजन की खेती को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

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