
उज्जैन, – श्रावण माह बीत जाने के बावजूद मानसून की बेरुखी ने उज्जैन में जल संकट की आशंका को और गहरा दिया है। शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले गंभीर डेम में जलस्तर लगातार घट रहा है और वर्तमान में केवल नौ दिनों का पेयजल भंडार शेष रह गया है। इस चिंताजनक स्थिति के मद्देनज़र मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश और विशेष रूप से उज्जैन में संभावित जल संकट के निवारण एवं अच्छी वर्षा के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव के साथ सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने गर्भगृह में जाकर बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन एवं अभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, जनता की सुख-समृद्धि और जल संकट से शीघ्र मुक्ति की कामना की। मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर में पर्जन्य अनुष्ठान की भी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समय पर और पर्याप्त वर्षा के लिए धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक प्रार्थना करना है।गंभीर डेम की स्थिति इस समय बेहद नाजुक है। डेम का वर्तमान जलस्तर 158.89 एमसीएफटी है, जिससे मात्र नौ दिनों तक ही जलप्रदाय संभव है। फिलहाल नलों के माध्यम से जल आपूर्ति जारी है, किंतु यदि शीघ्र ही पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है और जल वितरण व्यवस्था बाधित हो सकती है।
जल संसाधन विभाग और पीएचई विभाग स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। कैचमेंट एरिया में चैनल कटिंग कर वर्षा जल को डेम में एकत्रित करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। खड़ोतिया ब्रिज के नीचे जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से पानी के प्रवाह को डेम की ओर मोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही जल संरक्षण और अपव्यय रोकने के लिए भी प्रशासन ने अपील जारी की है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जल संकट जैसी परिस्थितियों में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और जल संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक वर्षा के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान भारतीय परंपरा का हिस्सा हैं और कठिन समय में सामूहिक आस्था से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।पूजन-अर्चन के बाद मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भी संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बारिश होने की उम्मीद है, लेकिन यदि स्थिति और बिगड़ती है तो वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था की जाएगी।महाकाल मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष पूजन कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारी, पुजारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और आस्था का वातावरण रहा, और सभी ने मिलकर उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा और जल संकट के समाधान के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना की।