मुरैना। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं ने जनजातीय समुदाय को नया जीवन प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान आवास हितग्राहियों से बातचीत में यह बात सामने आई कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके कच्चे मकान अब पक्के घरों में बदल जाएंगे। लोक शक्ति रथ यात्रियों ने भी आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवनदायिनी बताया है।राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टी.बी. रोगियों से भेंट कर उन्हें ‘निक्षय मित्र’ के रूप में फलों की टोकरी प्रदान की।उन्होंने युवाओं से समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि वंचितों और गरीबों की सेवा को अपना कर्तव्य मानकर आगे आना चाहिए। शिक्षा समाज सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। राज्यपाल ने कहा कि सेवा पखवाड़े के दौरान शिक्षित युवा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने बताया कि टी.बी. एक सामान्य रोग है, जो नियमित दवाओं और उचित पोषण से छह माह में पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसके लिए जरूरी है सही जानकारी और समय पर दवा।

राज्यपाल ने बताया कि सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर आयोजित हो रहे हैं। यहां जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। साथ ही अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह—बैगा, भारिया और सहरिया—के विकास और उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जन-मन योजना क्रांतिकारी पहल है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।राज्यपाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से हो और सबसे वंचित व्यक्ति को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाए।