
भोपाल। जनजातीय कला शिविर एवं मेला 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश के वरिष्ठ एवं सुप्रसिद्ध गोंड कलाकार श्री आनंद श्याम जी का गरिमामय अभिनंदन किया गया। कुँवर विजय शाह मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री द्वारा आनंद श्याम जी को सम्मानित किया गया । यह सम्मान उन्हें गोंड कला के संरक्षण, संवर्धन और उसे समकालीन पहचान दिलाने में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित कला प्रेमियों, शोधकर्ताओं, युवा कलाकारों एवं जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने श्री आनंद श्याम जी की दीर्घकालीन, समर्पित और अनुशासित कला-साधना की मुक्त कंठ से सराहना की। आयोजकों ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री आनंद श्याम जी न केवल एक उत्कृष्ट कलाकार हैं, बल्कि वे गोंड कला की जीवंत परंपरा के संवाहक भी हैं, जिन्होंने अपनी सृजनशीलता से इस लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है।श्री आनंद श्याम जी की कला-शैली अपनी विशिष्ट संरचना और रंग-भाषा के कारण विशेष पहचान रखती है। उनके चित्रों में भवन-अवयवों जैसे खंडों से निर्मित सीमाएँ, चंद्रमा से प्रेरित अर्धवृत्ताकार आकृतियाँ तथा पीले, लाल और हरे जैसे प्राथमिक रंगों का प्रभावशाली प्रयोग देखने को मिलता है। यही तत्व उनके चित्रों को ऊर्जावान, जीवंत और गहन कल्पनाशीलता से परिपूर्ण बनाते हैं। उनकी कृतियों में प्रकृति, लोककथाएँ, देवी-देवता, पशु-पक्षी और आध्यात्मिक भावनाओं का संतुलित समन्वय गोंड संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री आनंद श्याम जी के कलात्मक कार्यों को भारत सहित कई विदेशी देशों में सराहना प्राप्त हुई है। उनकी पेंटिंग्स विभिन्न प्रदर्शनियों, संग्रहालयों और निजी संग्रहों में स्थान पा चुकी हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने परिवार और समुदाय के अनेक युवाओं को गोंड कला में प्रशिक्षित किया, जिससे यह परंपरा नई पीढ़ी तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकी है।


अभिनंदन समारोह के दौरान आयोजकों ने कहा कि श्री आनंद श्याम जी का जीवन और कला-साधना समकालीन जनजातीय कला के क्षेत्र में कार्य कर रहे कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी निरंतर रचनात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और नवाचार की दृष्टि गोंड कला को भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस अवसर पर श्री आनंद श्याम जी को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर सृजनशीलता की कामना के साथ किया गया।