
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार, जनकल्याण और समग्र विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सभी विभाग योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से अपनी उपयोगिता और सार्थकता स्थापित करें। विभाग अपने कार्यक्षेत्र की चुनौतियों को चिन्हित कर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उनका समाधान सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित विभिन्न नोडल विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव Anurag Jain सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान के रूप में संचालित की जाए तथा इसमें जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री को प्राथमिकता दी जाए और पात्र हितग्राहियों को नि:शुल्क पट्टे वितरित किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवनदायिनी मां नर्मदा प्रदेश की लाइफलाइन है। अमरकंटक सहित सभी प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े कार्यों की समीक्षा प्रत्येक माह के पहले सोमवार को की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नर्मदा परिक्रमा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने और उद्गम स्थलों के आसपास सुव्यवस्थित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के निर्देश भी दिए।
ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर पेयजल आपूर्ति की नियमित समीक्षा हो। उन्होंने “जन्मभूमि से कर्मभूमि तक” अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में किसी भी बसाहट में जल परिवहन की आवश्यकता नहीं है तथा अमृत-1 और अमृत-2 योजना के अंतर्गत जल और सीवरेज प्रबंधन के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
चित्रकूट और धार्मिक पर्यटन विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम के समग्र विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। मंदाकिनी नदी की अविरल धारा बनाए रखने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम के विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने Mahakal Lok सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर होमगार्ड व्यवस्था सुदृढ़ करने और धर्मशालाओं के निर्माण में शासन सहयोग सुनिश्चित करने की बात कही।
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन एयरपोर्ट विकास की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट निर्माण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट विकास के लिए भूमि अर्जन की प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही भूमि-पूजन किया जाएगा।
कपास उत्पादक किसानों को राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास उत्पादक किसानों पर लगने वाले मंडी शुल्क को एक रुपए से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों को राहत देने और पड़ोसी महाराष्ट्र के समान प्रतिस्पर्धी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सभी शासकीय कार्यालयों में लागू होगी बॉयोमैट्रिक उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में लागू बॉयोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकुशलता और समयबद्धता में वृद्धि होगी।
तकनीकी और मेडिकल विश्वविद्यालयों के पुनर्गठन पर चर्चा
बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही मेडिकल विश्वविद्यालय को भी तीन पृथक विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की दिशा में जारी कार्यवाही की जानकारी प्रस्तुत की गई।
स्किल डेवलपमेंट और एआई सेंटर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सांदीपनी विद्यालय परिसरों और महाविद्यालयों में अकादमिक समय के बाद स्किल डेवलपमेंट, कंप्यूटर प्रशिक्षण और कोचिंग गतिविधियां संचालित की जाएं। उन्होंने प्रदेश में एआई सेंटर, डेटा सेंटर और डीपटेक पार्क स्थापित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े सभी नवाचारों को प्रोत्साहित करेगी और मध्यप्रदेश को विकास के हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।