
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्मा-गर्मी बढ़ गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सीधे संपर्क में हैं।जगन मोहन रेड्डी ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे “वोट चोरी” के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर तो जोर-शोर से उठाते हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश में कथित वोट चोरी पर मौन साधे रहते हैं। उन्होंने सवाल किया — “राहुल गांधी आंध्र प्रदेश में वोट चोरी पर क्यों नहीं बोलते, जबकि यहां घोषित नतीजों और मतगणना के दिन के नतीजों के बीच 12.5 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा?”
चुनावी नतीजों में अंतर पर सवाल
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में हालिया चुनाव के दौरान घोषित नतीजों और वास्तविक मतगणना के आंकड़ों के बीच भारी असमानता रही है। उनके अनुसार, यह अंतर लगभग 12.5 प्रतिशत का है, जो चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी का मौन रहना, उनके और चंद्रबाबू नायडू के बीच राजनीतिक समझौते की ओर इशारा करता है।
अरविंद केजरीवाल पर भी टिप्पणी
जगन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा — “अरविंद केजरीवाल खुद विधायक का चुनाव हार गए, लेकिन राहुल गांधी इस मुद्दे पर भी कुछ नहीं बोलते।” उनका आरोप था कि राहुल गांधी, चंद्रबाबू नायडू के साथ अपने राजनीतिक समीकरण के कारण न केवल आंध्र प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों में भी चुनावी अनियमितताओं पर चयनात्मक चुप्पी साधते हैं।
“हॉटलाइन” का दावा
जगन मोहन रेड्डी का सबसे बड़ा दावा यह रहा कि चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के जरिए राहुल गांधी से “हॉटलाइन” पर संपर्क में हैं। उन्होंने कहा — “यह कोई साधारण राजनीतिक मेल-जोल नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित गठजोड़ है, जिसमें विपक्ष के प्रमुख नेता आपस में मिलकर अपने-अपने हित साध रहे हैं।”
राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी
जगन ने राहुल गांधी के नेतृत्व और कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा — “मैं राहुल गांधी जैसे व्यक्ति पर क्या टिप्पणी करूं, जो खुद अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं हैं?” यह बयान न केवल राहुल गांधी की राजनीतिक छवि पर सीधा हमला माना जा रहा है, बल्कि इसे कांग्रेस और वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक टकराव की नई शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलचल और संभावित असर
जगन मोहन रेड्डी के इन आरोपों ने आंध्र प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। यह दावा ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने गठबंधनों और रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। अगर चंद्रबाबू नायडू, रेवंत रेड्डी और राहुल गांधी के बीच कथित “हॉटलाइन” संपर्क की बात सच निकलती है, तो यह आंध्र प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जगन मोहन रेड्डी का यह बयान न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि यह राज्य में कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संभावित गठबंधन को भी चुनौती देने का प्रयास है। आने वाले दिनों में इस पर कांग्रेस और टीडीपी की प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प होगा।