छिंदवाड़ा, मार्च 2026 — डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति में यज्ञ का महत्व सर्वोपरि है। यज्ञ के माध्यम से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मानव जीवन धन्य बनता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को छिंदवाड़ा के सिहोरा मॉल स्थित रामेश्वरम धाम में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि यज्ञ में सहभागिता करने से व्यक्ति अपने जीवन में हुई ज्ञात-अज्ञात गलतियों के लिए क्षमा याचना करता है और यश, सुख एवं समृद्धि की कामना करता है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को सुदृढ़ बनाते हैं।उन्होंने भगवद्गीता के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने पर बल देते हुए उपस्थित जनसमुदाय को नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंचतत्वों से निर्मित है और इसमें पांच कर्मेन्द्रियां तथा पांच ज्ञानेन्द्रियां होती हैं। इन इंद्रियों का सात्विक भाव से उपयोग करने पर व्यक्ति के भीतर सकारात्मक शक्ति का विकास होता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सपत्नीक महायज्ञ में शामिल हुए और लगभग 3200 श्रद्धालुओं के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना करते हुए यज्ञ में पूर्णाहुति दी। उन्होंने संत विवेक जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा यज्ञ स्थल की परिक्रमा भी की।इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने सिहोरा मॉल स्थित भगवान शंकर मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख और समृद्धि की मंगलकामनाएं कीं।कार्यक्रम में सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस महायज्ञ में शामिल होना गौरव का विषय है। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति के लिए माँ दुर्गा के आशीर्वाद की कामना की और कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।