
मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद द्वारा भोपाल में आदिवासी छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध मृत्यु के मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं थाना घेराव किया गया।उल्लेखनीय है कि रोशनी कलेश, जो प्रथम वर्ष एमबीबीएस की छात्रा थीं और गांधी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत थीं, का 10 फरवरी 2026 को निधन हो गया। प्रारंभिक रूप से इसे आत्महत्या का मामला बताया गया, किन्तु परिजनों एवं समाजजनों ने परिस्थितियों पर गंभीर संदेह व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।इसी संदर्भ में परिषद के नेतृत्व में लगभग 500 समाजजन एवं कार्यकर्ता एकत्र हुए और शांतिपूर्ण ढंग से थाना घेराव कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन पूर्णतः लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक तरीके से संपन्न हुआ।प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
बलवंत सिंह डाबर (जिला अध्यक्ष, ग्रामीण क्षेत्र), जयकुमार वरकड़े (जिला मीडिया प्रभारी), अधिवक्ता देव सिंह कमरे, श्री नीरज बारिवा (प्रदेश अध्यक्ष, छात्र प्रभाग), श्री राकेश भूरिया (जिलाध्यक्ष भोपाल), श्री गोलू सोलंकी (जिलाध्यक्ष, छात्र प्रभाग), श्री जितेंद्र पालिया, श्री रूपेश कठौतिया, श्री भुवन पोर्ते, श्री ऋतिक उइके (प्रदेश महासचिव), श्रीमती भारती उइके (जिलाध्यक्ष भोपाल, कार्यवाहक) एवं सुश्री निकिता धुर्वे।
परिषद की प्रमुख मांगें:
- प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- घटनास्थल से संबंधित सभी साक्ष्यों की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।
- सीसीटीवी फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जाए।
- दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिषद ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और सत्य को सामने लाना है। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने प्रशासन से शीघ्र एवं पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि न्याय की स्थापना समाज के विश्वास को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।