
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट, मध्यप्रदेश और सिंगापुर द्वारा क्षमता निर्माण एवं युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए संयुक्त प्रयासों का सशक्त और सफल उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ़ एक संस्थान नहीं है, बल्कि युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने का एक अभिनव मंच है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सिंगापुर के काउंसल जनरल श्री चियोंग मिंग फूंग से मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में शिष्टाचार भेंट और चर्चा के दौरान यह विचार व्यक्त किए।

सिंगापुर की विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की क्षमता का मेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की तकनीक, शिक्षा-स्किल्स और विशेषज्ञता को यदि मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, संसाधन और विशाल युवा जनशक्ति के साथ जोड़ा जाए, तो इससे परस्पर विकास, नवाचार और स्थिरता को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा। यह सहयोग प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्विपक्षीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हरसंभव नीति, सहयोग और निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।
उद्योग और शिक्षा के लिए नए अवसर
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करेगा।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, ज़रूरत है तो केवल उन्हें आधुनिक तकनीक और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता वाली शिक्षा से जोड़ने की। ग्लोबल स्किल पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहाँ युवाओं को नवीनतम टेक्नोलॉजी और कौशल से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
नवाचार और स्थायी विकास की राह
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के काउंसल जनरल को बताया कि मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, रिन्यूएबल रिसोर्सेज और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की विशेषज्ञता और तकनीक इन क्षेत्रों में स्थायी विकास और निवेश को बढ़ावा दे सकती है।उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स, वेस्ट मैनेजमेंट, डिजिटल गवर्नेंस और क्लीन एनर्जी जैसे विषय वर्तमान समय की ज़रूरत हैं और इन पर सहयोग से प्रदेश को नई दिशा मिलेगी।डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट युवाओं के लिए रोजगार और करियर की संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का माध्यम हैं। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाज़ार में भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे।उन्होंने कहा कि यह समय लोकल टू ग्लोबल की सोच को अपनाने का है और प्रदेश सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।सिंगापुर के काउंसल जनरल श्री चियोंग मिंग फूंग ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की सरकार और संस्थान स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के साथ और गहरा सहयोग करेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ साझेदारी कर नवाचार, शिक्षा, निवेश और स्थायी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। इस प्रकार की पहल न केवल प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल अवसर उपलब्ध कराएगी बल्कि मध्यप्रदेश को औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से वैश्विक पहचान भी दिलाएगी।