ग्रीनलैंड के पास अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी से बीमार क्रू मेंबर का डेनमार्क ने किया रेस्क्यू, ट्रंप के बयानों के बीच बढ़ी चर्चा,

डेनमार्क ने ग्रीनलैंड के निकट गश्त लगा रही एक अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी से बीमार क्रू मेंबर का आपातकालीन रेस्क्यू किया है। क्रू सदस्य को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, जिसके बाद उसे ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को लेकर सख्त बयान दे रहे हैं।डेनमार्क के जॉइंट आर्कटिक कमांड ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि ग्रीनलैंड के जलक्षेत्र में, नुउक से लगभग सात नॉटिकल मील दूर मौजूद एक अमेरिकी पनडुब्बी से एक क्रू मेंबर को निकाला गया। बयान के अनुसार, संबंधित व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत मेडिकल निकासी (MEDEVAC) की कार्रवाई की गई। इस मिशन के लिए डेनिश डिफेंस के सीहॉक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। बाद में मरीज को ग्रीनलैंड के स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपते हुए नुउक के अस्पताल में भर्ती कराया गया।डेनमार्क की इस त्वरित सहायता को दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने हाल ही में ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की इच्छा जताई है और डेनमार्क का समर्थन करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी है। ट्रंप ने डेनमार्क पर इस द्वीप को अमेरिका को सौंपने के लिए दबाव बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं।इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में एक अस्पताल पोत भेज रहा है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना के हॉस्पिटल शिप USS Mercy की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि यह जहाज ग्रीनलैंड में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रवाना किया गया है। ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के सहयोग से यह कदम उठाया गया है ताकि “बीमार और उपेक्षित” लोगों की देखभाल की जा सके।हालांकि ट्रंप के इस बयान पर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय हलकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क में पहले से ही सार्वभौमिक और सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली मौजूद है, जिसे विश्व की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में गिना जाता है। ऐसे में अस्पताल पोत भेजने की घोषणा को कई लोग राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।रणनीतिक दृष्टि से ग्रीनलैंड अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह दुनिया के सबसे कम आबादी वाले देशों में से एक है, जहां लगभग 56 हजार लोग निवास करते हैं। सीमित सड़क नेटवर्क के कारण यहां परिवहन के लिए नाव, हेलीकॉप्टर और विमानों पर निर्भर रहना पड़ता है। अमेरिका का ग्रीनलैंड में एक प्रमुख सैन्य अड्डा भी है, जिसे पिटुफिक स्पेस बेस के नाम से जाना जाता है और यह पश्चिमी तट पर स्थित है।वर्तमान घटनाक्रम ने एक बार फिर ग्रीनलैंड की सामरिक अहमियत और अमेरिका-डेनमार्क संबंधों को वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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