खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों का हुआ सम्मान,

भोपाल।राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि संकल्प, अनुशासन और जीवन मूल्यों का सशक्त माध्यम हैं। खेल हमें निरंतर प्रयास करना सिखाते हैं, हार-जीत को स्वीकार करने की क्षमता देते हैं और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने का दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। खेलों के माध्यम से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है और खेल भावना समाज को एक सूत्र में बांधती है।राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने संभागवार विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।राज्यपाल ने कहा कि खेल का मैदान केवल हार-जीत का स्थल नहीं होता, बल्कि वह चरित्र निर्माण की कार्यशाला होता है। मैदान पर न कोई जाति होती है, न धर्म, न ऊंच-नीच—वहां केवल खिलाड़ी और उसका लक्ष्य होता है। खेल हमें अनुशासन, टीम भावना और समर्पण का पाठ पढ़ाते हैं। यही मूल्य जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार बनते हैं।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कभी मध्यप्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश का ‘स्पोर्ट्स पावरहाउस’ बनकर उभरा है। ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ जैसे आयोजनों ने गांव-गांव और गली-गली से प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान किया है। पारंपरिक खेलों के संरक्षण और प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयास सराहनीय हैं।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी आज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। शूटिंग रेंज, वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, घुड़सवारी और अन्य खेल सुविधाएं अब विश्वस्तरीय बन चुकी हैं। पारंपरिक खेल मलखम्ब को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता “खेल, खिलाड़ी और खेल का मैदान” है। इसी सोच के साथ प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स के अंतर्गत 13 से 20 जनवरी तक विकासखंड और जिला स्तर पर तथा 21 से 25 जनवरी तक संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें एक लाख से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की।27 से 31 जनवरी तक भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, रीवा और सागर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 15 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं में 723 स्वर्ण, 723 रजत और 895 कांस्य पदक प्रदान किए गए। पदक विजेताओं को कुल लगभग 4 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

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