भोपाल, 7 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने के बजाय लगातार घोषणाएं कर रही है, जबकि लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं और भर्ती परीक्षाओं में देरी तथा पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भरोसा टूट रहा है।पटवारी ने इंदौर से उज्जैन के बीच चलती ‘मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा’ में आग लगने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जिस योजना को अपनी उपलब्धि बता रही है, उसकी जमीनी स्थिति सामने आ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘खटारा बस परियोजना’ के बाद ‘खटारा युवा नीति’ और ‘खटारा सरकार’ की पहचान बनती जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी वर्ष को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया है और यूथ कॉन्क्लेव जैसे कार्यक्रमों पर खर्च किया जा रहा है, लेकिन युवाओं की मूल समस्याओं पर गंभीरता से काम नहीं हो रहा। कार्यक्रम में युवाओं के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार को लेकर पटवारी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की और कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में जवाब देना चाहिए।लाखों पद खाली, फिर भी रोजगार के नाम पर घोषणाएंपटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन भर्ती के नाम पर सीमित पदों की परीक्षाएं कराकर सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त पद ही उपलब्ध नहीं होंगे तो साल में दो बार PSC परीक्षा कराने का क्या फायदा?उन्होंने कहा कि कई बार परीक्षा देने वाले युवाओं को परिणाम और नियुक्ति के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ा है। सरकार अब एक लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कर रही है, जबकि इससे पहले 2.5 लाख और 5 लाख नौकरियों के दावे किए जा चुके हैं। सरकार को बताना चाहिए कि उन घोषणाओं का क्या हुआ।पटवारी के अनुसार, प्रदेश में बड़ी संख्या में स्वीकृत सरकारी पद रिक्त हैं और लाखों युवा रोजगार की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक लाख नौकरियों की घोषणा इतनी बड़ी बेरोजगार आबादी के लिए पर्याप्त नहीं है।शिक्षा व्यवस्था में भी बड़ी संख्या में पद रिक्तकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं और चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का उन्होंने दावा किया।उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था से युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए तैयार होना है, वहीं शिक्षकों और प्रोफेसरों की कमी है। सरकार को पहले शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।बढ़ते कर्ज पर भी सरकार को घेरापटवारी ने प्रदेश के बढ़ते कर्ज को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि लिया जा रहा कर्ज कहां खर्च हो रहा है तथा उसका बोझ आखिरकार जनता पर कितना पड़ेगा।उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि व्यापमं प्रकरण के बाद भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं के मन में भरोसे का संकट बना हुआ है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा धांधली के मामलों में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की।मीडिया और कर्मचारियों के मुद्दे भी उठाएपटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले समाचार पत्रों पर सरकारी विज्ञापनों और भुगतान के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने आंदोलन कर रहे पटवारियों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिए, न कि कार्रवाई के जरिए।कांग्रेस ने सरकार के सामने रखीं 7 प्रमुख मांगेंपटवारी ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। उन्होंने सरकार से—सभी विभागों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक कर रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने।सभी भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने।पेपर लीक और परीक्षा धांधली की स्वतंत्र जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने।चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र देने।27 प्रतिशत OBC आरक्षण के तहत लंबित नियुक्तियों का समाधान करने।विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर पारदर्शी एवं योग्यता आधारित भर्ती करने।रोजगार मेलों में केवल औपचारिक ऑफर लेटर बांटने के बजाय युवाओं को वास्तविक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।अंत में पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश का युवा अब सिर्फ भाषण और घोषणाएं नहीं चाहता। उसे रोजगार, समय पर परीक्षा, समय पर परिणाम और समय पर नियुक्ति चाहिए। सरकार को युवाओं की उम्मीदों और उनके भविष्य को गंभीरता से लेना होगा।