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कृषक कल्याण वर्ष 2026: किसानों की समृद्धि और आधुनिक कृषि पर सरकार का फोकस,

भोपाल, 23 मार्च 2026 — डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। “किसान हमारी धरोहर हैं और यही अन्नदाता देश के भाग्य विधाता हैं,” उन्होंने यह बात मुख्यमंत्री निवास में आयोजित किसानों के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कही।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य ध्यान कृषि को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है, जिससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। “सच्चा वादा और पक्का काम हमारी सरकार का संकल्प है और हमने किसानों से किए गए वादों को पूरा करके दिखाया है,” मुख्यमंत्री ने कहा।सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में “नदी जोड़ो अभियान” और नई सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपये की लागत से आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपये की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को स्वीकृति दी गई है। लगभग 200 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से 4800 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा जिले के विकास को नई गति मिली है। इसके अलावा राजस्थान के झालावाड़ से उज्जैन स्थित बाबा महाकाल और नलखेड़ा के मां बगलामुखी धाम को जोड़ने वाला नया हाई-वे भी क्षेत्रीय विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।कृषि क्षेत्र में नवाचार और समर्थन को बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्यानिकी फसलों के लिए मुआवजा दरों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आगर-मालवा के प्रसिद्ध संतरा उत्पादकों के लिए प्रति वृक्ष मुआवजा राशि 4500 रुपये से बढ़ाकर 17,500 रुपये कर दी गई है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत है।

उन्होंने यह भी बताया कि भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत सोयाबीन किसानों को लाभ दिया जा चुका है और अब इसमें सरसों की फसल को भी शामिल किया गया है। वहीं, गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर आगर-मालवा के जनप्रतिनिधियों और किसानों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत करते हुए सिंचाई और विकास परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।समापन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा,” और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी।

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