मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रदेश की पहचान केवल उसके नक्शे से नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों से होती है। आज मध्यप्रदेश अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस की वार्षिक बैठक में सहभागिता के बाद जबलपुर पहुंचे, जहां महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्योगपति एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया का हर देश व्यापार और निवेश के लिए भारत से जुड़ने को उत्सुक है। भारत की वैश्विक छवि एक मजबूत और भरोसेमंद आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।ने बताया कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, लेकिन सबसे अधिक फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ देश के 10 राज्यों ने भी इस मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया।उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश में पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पावर सेक्टर के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो उद्योगों के लिए बड़ा आकर्षण है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए आर्थिक समृद्धि अत्यंत आवश्यक है। यदि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगा, तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाइयाँ आएंगी। मध्यप्रदेश आज एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में सामने आ रहा है।प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी और लैंड बैंक जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर हर प्रकार के उद्योग-व्यवसाय को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विकास दर विश्व में सबसे तेज है और इसमें मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जनसंख्या के आधार पर प्रदेश देश में पाँचवें स्थान पर है, लेकिन युवा शक्ति के मामले में पहले स्थान पर है।उन्होंने बताया कि प्रभावी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है। लगभग 9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद प्रदेश में कम बेरोजगारी दर होना बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उद्योग स्थापना पर 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी और एमएसएमई सेक्टर को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में देश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही निजी मेडिकल कॉलेजों में नीट के माध्यम से चयनित छात्रों को फीस भुगतान हेतु राज्य सरकार द्वारा ऋण सुविधा भी दी जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्र औद्योगिकीकरण से तेजी से विकास करते हैं। जबलपुर के समग्र विकास के लिए एक विशेष मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें जबलपुर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शहरों को शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यदि देश में कहीं चीता परिवार का विस्तार हो रहा है, तो वह मध्यप्रदेश में हो रहा है, जो पूरे एशिया के लिए गर्व की बात है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ की गई है, जिसमें 45 मिनट की यात्रा का किराया मात्र 3500 रुपये रखा गया है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलेगी।