त्तर भारत में जारी बर्फबारी और बारिश के असर से मध्यप्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। गुरुवार–शुक्रवार की रात प्रदेश के 17 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है, जिससे ठिठुरन और अधिक बढ़ गई है।इस बार रीवा सबसे ज्यादा सर्द रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यह तापमान पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में 8.2°, ग्वालियर में 7.5°, जबलपुर में 9.9° और इंदौर में 11° तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ (6°), पचमढ़ी (6.7°), शिवपुरी (7°), उमरिया (7.1°) और नौगांव (8.2°) में भी रात बेहद ठंडी रही।हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में दो लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है। इन गतिविधियों के बाद उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश में तापमान को तेजी से नीचे ला रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 7–8 दिसंबर को उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ठिठुरन और अधिक बढ़ सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में भी कड़ाके की ठंड का असर तेज रहेगा।मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 5 और 7 दिसंबर को बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद हवा की दिशा उत्तरी हो जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान और नीचे जाने की आशंका है।इस वर्ष ठंड सामान्य से काफी अधिक प्रचंड बनी हुई है। भोपाल में नवंबर माह की सर्दी ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में भी 25 सालों के मुकाबले सबसे कम तापमान दर्ज हुआ। विभाग का अनुमान है कि दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड का यही दौर जारी रह सकता है और कई जगह न्यूनतम तापमान एक अंक में बना रहेगा।