वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए हमलों के बाद पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादनकर्ता देश है, इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो उससे अमेरिका को आर्थिक लाभ होता है।ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि एक राष्ट्रपति के तौर पर उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान जैसे “खतरनाक साम्राज्य” को परमाणु हथियार बनाने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को नहीं रोका गया तो वह मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया को अस्थिर कर सकता है।दरअसल, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और दुनिया भर में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।इसी बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सदस्य देशों ने बुधवार को तेल बाजार में आई बाधाओं को दूर करने के लिए एक अहम फैसला लिया। एजेंसी के 32 सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है।बताया गया है कि यह तेल प्रत्येक सदस्य देश की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार तय समय-सीमा के भीतर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कुछ देश अतिरिक्त आपातकालीन कदम भी उठाने की तैयारी कर रहे हैं।भारत ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।