
बांग्लादेश पिछले कई सालों में डेंगू के सबसे बुरे प्रकोप से जूझ रहा है। डेंगू से अब तक बांग्लादेश में 400 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। बढ़ते तापमान और लंबे मानसून के मौसम के कारण डेंगू के संक्रमण में तेजी देखी जा रही है। इससे बांग्लादेश के अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ है। खासकर शहरी इलाकों में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में पैर रखने की जगह नहीं बची है। हालात इतने खराब हैं कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही है। इसके अलावा देशभर में 78,595 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। नवंबर के मध्य तक, 4,173 मरीजों का इलाज किया जा रहा था, जिनमें से 1,835 राजधानी ढाका में और 2,338 अन्य जगहों पर थे। शहरों में घनी आबादी डेंगू की बीमारी के प्रसार को बढ़ारही है, जो आमतौर पर जून से सितंबर तक मानसून के मौसम में अधिक आम है। हालांकि, यह बीमारी इस साल यह उस अवधि से आगे भी फैल रही है।

प्रकोपों की बढ़ती आवृत्ति और गंभीरता बांग्लादेश की पहले से ही खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर दबाव डाल रही है। अस्पतालों में हजारों रोगी इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मच्छरों के काटने से बचने के लिए सावधानी बरतने का आग्रह किया है