
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में मंगलवार को इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की बोर्ड बैठक आईडीए सभागृह में संपन्न हुई। बैठक में शहर में जारी विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसकी विशेष कार्ययोजना (Detailed Action Plan) सुनिश्चित की जाए और सभी संबंधित विभाग—नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीएचई तथा विद्युत विभाग—आपसी समन्वय से कार्य करें।बैठक में शहर हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इंदौर विकास प्राधिकरण की भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश भी दिए गए।
80 करोड़ की निविदाओं को स्वीकृति
बैठक में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 80 करोड़ रुपये की निविदाएँ स्वीकृत की गईं। इनमें प्रमुख रूप से—
- टीपीएस-4 के विकास कार्य हेतु 33.22 करोड़ रुपये
- टीपीएस-10 (ग्राम पालाखेड़ी, बांगड़दा इंदौर भाग-बी) हेतु 31 करोड़ रुपये
- टीपीएस-1 चरण-4 के विकास कार्य हेतु 6.69 करोड़ रुपये
- योजना क्रमांक 151 एवं 169B, सुपर कॉरिडोर में
34 लाख लीटर क्षमता की 15 मीटर स्टेजिंग ओवरहेड पानी टंकी निर्माण हेतु 4.57 करोड़ रुपये - योजना क्रमांक 97 भाग-2 में 5 वर्षीय रखरखाव सहित बाह्य विद्युतीकरण कार्य हेतु 3.88 करोड़ रुपये
इन सभी निविदाओं को संचालक मंडल द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े, संयुक्त संचालक (नगर एवं ग्राम निवेश) शुभाशीष बनर्जी, पीएचई के अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार उदिया, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कमेेश श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता सी.एस. खरत, सहायक वन संरक्षक प्रतिनिधि धीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
लवकुश चौराहा व शहर की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएँ
बैठक में महत्वपूर्ण शहरी परियोजनाओं पर भी निर्णय लिया गया—
- लवकुश चौराहा लेवल-2 फ्लायओवर की ग्रेड रोड व सर्विस रोड पर डामर रोड के स्थान पर कंक्रीट रोड (PQC) बनाया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा।
- विजय नगर क्षेत्र में मल्टी-मॉडल सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जिससे मेट्रो यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी।
- प्राधिकरण के विभिन्न बैंकों में संचालित बचत खातों को चालू खातों में परिवर्तित किया जाएगा ताकि ब्याज का अधिकतम लाभ मिल सके।
- योजना क्रमांक 166 और टीपीएस-1 के विकास कार्यों हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) चयन के लिए निविदा स्वीकृत की गई।
- प्राधिकरण की योजनाओं में भूजल पुनर्भरण और जल पुन: उपयोग को प्रोत्साहित करने के विशेष निर्देश दिए गए।
संपत्ति एवं लीज संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में नागरिकों को अधिक सुविधा देने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ बड़े निर्णय लिए गए—
- आईडीए द्वारा व्ययन की जाने वाली संपत्तियों की निक्षेप राशि 10% से कम की जाएगी, ताकि अधिक आवेदन प्राप्त हो सकें।
- एकमुश्त लीज (20 गुना लीज रेंट) की पुरानी योजना समाप्त कर, अब पट्टा भाटक का 4 गुना अथवा बाजार मूल्य का 0.5% (जो कम हो) लागू किया जाएगा।
- प्रकोष्ठ अधिनियम अंतर्गत आवंटित प्रकोष्ठों के भूस्वामी अधिकार में संपरिवर्तन हेतु आवश्यक औपचारिकताओं को सरल बनाने पर सहमति बनी।
बेहतर शहरी विकास के लिए निर्देश
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि—
- सभी परियोजनाएँ समय पर पूरी हों।
- विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए।
- इंदौर विकास प्राधिकरण की भूमि पर अतिक्रमणों की पहचान और निष्पादन तेजी से किया जाए।
- जल संरक्षण, मेट्रो सुविधा विस्तार, और सतत शहरी विकास की दिशा में प्राधिकरण और अधिक सक्रिय भूमिका निभाए।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और भविष्य की विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।