इंदौर कृषि महाविद्यालय में नए विकास कार्यों का शुभारंभ, राज्यपाल पटेल ने किया लोकार्पण,

मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आज इंदौर स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जननायक टंट्या भील बालक छात्रावास, एरोपोनिक्स यूनिट, महाविद्यालय के मुख्य द्वार, ऑडिटोरियम एवं कन्या छात्रावास के नवीनीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही नए कन्या छात्रावास भवन का शिलान्यास भी संपन्न हुआ।राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश में कृषि क्षेत्र में अत्यंत उल्लेखनीय और प्रभावी कार्य हुए हैं। फसलों के उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। राज्यपाल ने यह भी कहा कि आज कृषि महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी कृषि को नए दृष्टिकोण के साथ अपनाने में रुचि रखती है, जो देश के कृषि भविष्य के लिए शुभ संकेत है।राज्यपाल श्री पटेल ने कृषि महाविद्यालय के विभिन्न कृषि नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरक क्षमता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना आज अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में कृषि महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह कार्य आने वाले समय में सतत कृषि विकास का मजबूत आधार सिद्ध होंगे।कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल ने मोटे अनाज ‘श्रीअन्न’ पर केंद्रित पोस्टर का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न न केवल पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों में भी यह एक टिकाऊ फसल के रूप में उभर रहा है।राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री अरविंद शुक्ला ने बताया कि इंदौर का कृषि महाविद्यालय वर्ष 1924 में स्थापित हुआ था और तभी से यह देश के प्रमुख कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्रों में से एक रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में दलहन अनुसंधान, प्राकृतिक खेती, एग्रो-टेक्नोलॉजी और कई नवाचारों पर लगातार शोध कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि महाविद्यालय के विद्यार्थी ग्रीन ग्रेजुएशन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत नियमित रूप से नए पौधे लगाते हैं और उनकी देखभाल भी करते हैं। इस अभियान ने युवा छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक, दलहन अनुसंधान केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. ए. के. तिवारी, इंदौर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ और किसान उपस्थित रहे।राज्यपाल के इस दौरे से कृषि महाविद्यालय में न केवल नई शिक्षा एवं शोध सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी आगे बढ़ा है।

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