
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किश्त की सौगात दी। उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 1,834 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र हितग्राहियों और लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर रीफिल अनुदान के लिए 115 करोड़ रुपये की राशि भी हस्तांतरित की गई।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है। लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की शुरुआत से अब तक 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और प्रदेश की आधी आबादी को सशक्त बनाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कल्याण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्तमान में महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रीफिल अनुदान से भी लाखों परिवारों को राहत मिल रही है।उन्होंने बताया कि प्रदेश की 23 लाख से अधिक बहनों को गैस रीफिल अनुदान के रूप में 115 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं पर घरेलू खर्च का बोझ कम करने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 65 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनके माध्यम से महिलाएं रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। इनमें बड़ी संख्या लखपति दीदियों की भी है। रोजगार आधारित उद्योगों में कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार सहायता उपलब्ध करा रही है।
उमरिया को 144 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरिया जिले में कुल 144 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण तथा करीब 57 करोड़ रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उमरिया और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। स्लीमनाबाद टनल से क्षेत्र को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को लाभ होगा और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने उमरिया जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि बांधवगढ़ क्षेत्र को प्रभु श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से जुड़ी मान्यताओं का विशेष महत्व प्राप्त है। विरासनी देवी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करना सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर उमरिया जिले के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। इनमें उमरिया में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना, मानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का निर्माण तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल हॉस्पिटल का दर्जा देना शामिल है।इसके अलावा अमरपुर को तहसील के रूप में विकसित करने, उमरिया में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की घोषणा भी की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और जनसुविधाओं का विस्तार होगा। सरकार ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन को प्रोत्साहित कर रही है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन और होमस्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को साइकिल, नि:शुल्क पुस्तकें, गणवेश और परिवहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों से संबंधित अधिकारों को मजबूत करने और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
महिलाओं को आजीविका एक्सप्रेस की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आजीविका एक्सप्रेस की चाबियां सौंपीं। इस पहल का उद्देश्य उन ग्रामीण मार्गों पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है, जहां आजीविका दीदियों को परिवहन की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती।पाली विकासखंड के सेवा महिला संघ, चौरी सेक्टर में 8.50 लाख रुपये की लागत से आजीविका एक्सप्रेस वाहन खरीदा गया है। इस वाहन के संचालन के लिए महिला चालक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे होने वाली आमदनी संबंधित महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर 10 दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, स्व-सहायता समूह क्रेडिट लिंकेज, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को भी लाभ प्रदान किया गया।
महिला सशक्तिकरण और विकास के संकल्प को दोहराया
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण एवं उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।विधायक एवं पूर्व मंत्री मीना सिंह ने कहा कि लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी योगदान दे रही हैं। बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने क्षेत्र के विकास से संबंधित मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।