देश और दुनिया के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ में निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों की जानकारी देते हुए निवेशकों को प्रदेश में आने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार को आसान बनाने के लिए 2700 से अधिक नियमों और करीब 900 कानूनों को समाप्त किया गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में समय न गंवाना पड़े और वे आसानी से अपना कारोबार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार निर्धारित नीतियों में निवेशकों के हित में जरूरी छूट देने पर भी सरकार विचार करेगी। सरकार की प्राथमिकता मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। खनन, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी में बड़े अवसर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की प्राकृतिक संपदा और औद्योगिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में खनन क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। हीरा, सोना, तांबा, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसे खनिज निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। पर्यटन क्षेत्र में भी निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि होटल व्यवसाय शुरू करने वाले निवेशकों को 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने ग्रीन एनर्जी पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेशकों के लिए इस क्षेत्र में भी व्यापक अवसर मौजूद हैं। कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाओं पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों की सुविधा के लिए कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में एक लाख से अधिक औद्योगिक भूमि बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए अब करीब 29 दिनों में जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार ‘ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट’ की दिशा में काम कर रही है, ताकि निवेशकों को जल्द से जल्द अपना प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को GIS-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में देश की बेहतर एविएशन पॉलिसी में से एक लागू है और यूएई तथा अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू करने की तैयारी है। करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल लगातार मजबूत हो रहा है। सरकार के प्रयासों से करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आते दिखाई दे रहे हैं। मध्यप्रदेश से वर्तमान में 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण, बेहतर कनेक्टिविटी और समय-सीमा में काम पूरा करने की व्यवस्था प्रदेश की प्रमुख ताकत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश की संभावनाओं वाला राज्य नहीं, बल्कि आशाओं और अवसरों की धरती है। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया। लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में भी निवेश की बड़ी संभावनाएं औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक इकोसिस्टम और निवेश अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े अवसरों पर भी जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्र में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव और प्राकृतिक स्थलों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटकों के आने का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और लंबी अवधि की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूएई से रिश्ते और मजबूत होंगे : काउंसिल जनरल दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने भारत और यूएई के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा निवेशकों से सीधे संवाद करने और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए लगातार प्रयास करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक एवं कारोबारी जुड़ाव को और मजबूत किया जाएगा। इंडियन पीपुल्स फोरम (IPF) यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने भी मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उद्योगपति एवं सांसद राजिंदर गुप्ता ने मध्यप्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योगों को सरकार का सहयोग मिल रहा है। दुबई में आयोजित यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत तरीके से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।