
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है और मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में ढाई इंच से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग के अनुसार गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल समेत करीब 30 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर बना रहने का अनुमान है।इनमें भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
कई इलाकों में तीन से पांच इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच, शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच और सागर के रहली में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी बारिश का असर देखने को मिला। भोपाल के कोलार क्षेत्र में करीब 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में लगभग 3 इंच पानी दर्ज किया गया।लगातार बारिश के चलते शहडोल में सोमवार रात बाणसागर बांध के तीन गेट आधा-आधा मीटर खोले गए। बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग जलाशयों की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
अगले तीन दिन बारिश से राहत के आसार कम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र और द्रोणिका सक्रिय है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
40 जिलों में बारिश अब भी सामान्य से कम
भले ही प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार अच्छी बारिश हो रही हो, लेकिन मध्य प्रदेश के करीब 40 जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में सामान्य से 6 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी करीब 24 जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।इसके विपरीत प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन के दौरान औसत सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य मानसूनी बारिश लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और नदी-नालों के तेज बहाव से दूर रहें। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।