दमोह। मध्यप्रदेश पुलिस की पुलिस सैलरी पैकेज (पीएसपी) योजना ने एक बार फिर संकट की घड़ी में पुलिस परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। ड्यूटी के दौरान हादसे के बाद दिवंगत हुए दो पुलिसकर्मियों के आश्रित परिवारों को योजना के तहत एक-एक करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा सहायता राशि प्रदान की गई। यह राशि उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।पुलिस अधीक्षक कार्यालय दमोह में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने दिवंगत प्रधान आरक्षक श्रीमती शमीम खान और दिवंगत आरक्षक भूपेंद्र ठाकुर के नामांकित परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये के बीमा दावे के चेक सौंपे। इस दौरान अधिकारियों ने दोनों दिवंगत पुलिसकर्मियों की सेवाओं को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।जानकारी के अनुसार, जून 2025 में सड़क दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों का निधन हो गया था। चूंकि उनके वेतन खाते भारतीय स्टेट बैंक में पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) योजना से जुड़े हुए थे, इसलिए योजना के प्रावधानों के अनुसार उनके नामांकित आश्रितों को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल वेतन भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है। सेवा के दौरान किसी अप्रत्याशित दुर्घटना की स्थिति में यह योजना परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनती है।मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत पुलिसकर्मियों को कई अतिरिक्त वित्तीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें एक करोड़ रुपये तक का आकस्मिक मृत्यु बीमा, आवास ऋण पर विशेष ब्याज दरों का लाभ, निःशुल्क डेबिट कार्ड, व्यक्तिगत बीमा सुविधाएं तथा परिवार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा जैसे प्रावधान शामिल हैं। जोखिम भरी परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए इस तरह की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसी योजनाएं न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि उनके परिवारों को भी यह भरोसा देती हैं कि कठिन समय में संस्थागत सहयोग उनके साथ खड़ा रहेगा।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि पुलिस सैलरी पैकेज जैसी कल्याणकारी योजनाएं पुलिस बल के प्रति सरकार और विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। भविष्य में भी सभी पुलिसकर्मियों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।