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पीथमपुर में किसान इरिगेशन की चौथी विनिर्माण इकाई का लोकार्पण, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— उद्योग, कृषि और तकनीक मिलकर बनाएंगे आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र आज मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है और यहां स्थापित उद्योग प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी अग्रणी कंपनियां प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ कृषि और सिंचाई क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की चौथी नवीन विनिर्माण इकाई के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने फैक्ट्री परिसर स्थित शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर की। इसके बाद उन्होंने नई उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया और कंपनी प्रबंधन को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उद्योगों का विस्तार केवल निवेश और उत्पादन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, कौशल विकास को बढ़ावा मिलता है और क्षेत्र का समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार मिल सके।उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान मध्यप्रदेश में जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पाइप, ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नई विनिर्माण इकाई से तैयार होने वाले उत्पाद जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएंगे और किसानों को कम पानी में बेहतर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।मुख्यमंत्री ने नई फैक्ट्री का निरीक्षण भी किया और पाइप निर्माण में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक मशीनों तथा उत्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कृषि, सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उद्योग प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।कार्यक्रम में कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री कुणाल अग्रवाल ने बताया कि किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की स्थापना लगभग चार दशक पहले हुई थी। वर्तमान में कंपनी की कुल पांच उत्पादन इकाइयां संचालित हैं, जिनमें से चार पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हैं। कंपनी पीवीसी, एचडीपीई, सीपीवीसी और यूपीवीसी पाइप्स एवं फिटिंग्स के साथ-साथ वॉटर टैंक, ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम का निर्माण करती है। नई इकाई में एचडीपीवी और डीडब्ल्यूसी पाइप्स का उत्पादन किया जाएगा, जिनका उपयोग कृषि, सिंचाई और विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं में किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग, कृषि और तकनीक के समन्वय के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई विनिर्माण इकाई से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती प्राप्त होगी।कार्यक्रम में धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग, धार कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीणा, जनप्रतिनिधि तथा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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