मंगलवार सुबह प्राप्त शिपिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल एक चीनी ऑयल टैंकर ‘रिच स्टैरी’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की नाकेबंदी की घोषणा की गई है।कैपलर, एलएसईजी और लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप के आंकड़ों के अनुसार, ‘रिच स्टैरी’ अमेरिकी नाकेबंदी के बाद खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने वाला पहला टैंकर है। यह मीडियम-रेंज का जहाज है, जिसमें लगभग 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा हुआ है। इसने अपना कार्गो संयुक्त अरब अमीरात के हमरियाह बंदरगाह से लोड किया था। जहाज और इसके मालिक, शंघाई शुआन शिपिंग लिमिटेड, पर ईरान के साथ व्यापार के कारण अमेरिका द्वारा पहले ही प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।चीन ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए अमेरिकी नाकेबंदी को अस्वीकार कर दिया है। चीनी रक्षा मंत्री ने कहा है कि चीन ईरान के साथ अपने व्यापारिक और ऊर्जा समझौतों का सम्मान करता रहेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि चीनी जहाजों को रोका गया तो इससे टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से खाड़ी देशों का तेल और गैस एशिया सहित दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंचता है। हाल ही में क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और जवाबी कार्रवाइयों के चलते इस मार्ग की सुरक्षा और खुलापन वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और अधिक बिगड़ती है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और व्यापारिक मार्गों पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।