Bhopal में शीघ्र ही ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम के माध्यम से गोरक्षा और गौसंवर्धन के लिए एक व्यापक जन-अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गौमाता की गरिमा को समाज में और अधिक स्थापित करना तथा गोसंरक्षण को सशक्त बनाना है।कार्यक्रम के मुख्य संयोजकों एवं गौसेवकों ने जानकारी दी कि इस अभियान का शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया जाएगा। इसके अंतर्गत गौमाता को ‘राज्य माता’ के समान सम्मान देने की दिशा में जनजागरण चलाया जाएगा। विभिन्न गौशालाओं में विशेष पूजा-अर्चना, भव्य शोभायात्राएं एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में गौमाता के प्रति श्रद्धा और जागरूकता को बढ़ावा मिले।अभियान के प्रमुख बिंदुओं में सबसे पहले गौमाता को राज्य माता के समकक्ष सम्मान दिलाने का संकल्प शामिल है। इसके साथ ही गो रक्षकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं—जैसे सुरक्षा, कानूनी सहायता और आर्थिक सहयोग—पर गंभीर चर्चा कर समाधान के प्रयास किए जाएंगे।कार्यक्रम के अंतर्गत गो रक्षकों का सार्वजनिक सम्मान भी किया जाएगा, जिसमें उन्हें पदक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, गो उत्पादों जैसे गोबर खाद, गोमूत्र आधारित आयुर्वेदिक औषधियों और गोमय से बने हस्तशिल्प के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस दिशा में बाजार विस्तार और किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी।नंदी (बैल) संरक्षण भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। आवारा नंदियों के लिए संरक्षण केंद्र स्थापित करने और उनकी देखभाल की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।आयोजकों का मानना है कि यह अभियान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।सभी वर्गों के नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। कार्यक्रम में संत समाज, गोसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।यह पहल मध्यप्रदेश को गौसंरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।