
इजरायल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत की संतुलित और प्रभावी कूटनीति की पूरी दुनिया में सराहना हो रही है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारत की “मल्टी-अलाइनमेंट” नीति को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताया है, जिसके चलते भारत विरोधी देशों के साथ भी अपने मजबूत रिश्ते बनाए रखने में सफल रहा है।अंतरराष्ट्रीय संबंधों की विशेषज्ञ Dr. Leslie Vinjamuri, जो Chicago Council on Global Affairs की अध्यक्ष और CEO हैं, ने भारत की नीति की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत की मल्टी-अलाइनमेंट रणनीति बेहद प्रभावी ढंग से काम कर रही है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरी है।America@250 कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने Raisina Dialogue का उल्लेख किया, जिसमें वह स्वयं शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा कि भारत ने इस मंच के जरिए वैश्विक संवाद को मजबूती दी है और विभिन्न देशों के साथ संतुलन बनाए रखा है।इसी बीच, ईरान ने भारत के जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलने की अनुमति दी, जिनमें हजारों मीट्रिक टन LPG लदी हुई थी। यह कदम भारत-ईरान संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।हालांकि, अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने समुद्री व्यापार को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में 17 जहाजों पर हमले किए जा चुके हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी सामने आया है कि होर्मुज स्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में जहाज खड़े हैं, जो संभावित हमलों के डर से आगे बढ़ने से बच रहे हैं।ऐसे जटिल वैश्विक हालात में भारत की संतुलित कूटनीति और रणनीतिक निर्णयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है, जो देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी दर्शाता है।