
मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। इस अवसर पर उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित नगर विकास योजनाओं और सिंहस्थ 2028 से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 662.46 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया जाएगा।नगर विकास योजना के तहत ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में लगभग 473.32 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में करीब 35 किलोमीटर लंबी 24 एवं 30 मीटर चौड़ी सीसी सड़कों का निर्माण, सीवर लाइन, जलापूर्ति व्यवस्था, भूमिगत विद्युत व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस कार्य पर लगभग 160.39 करोड़ रुपये की लागत आएगी।विक्रम नगर आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) का निर्माण 30.68 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना एमआर-5 मार्ग को नगर विकास योजना क्रमांक 03, 04, 05 एवं 06 से जोड़ेगी। इस आरओबी के निर्माण से रेलवे क्रॉसिंग की समस्या से राहत मिलेगी और विशेष रूप से सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता मिलेगी।
सिंहस्थ मेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए 29.84 करोड़ रुपये की लागत से नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन भी किया जाएगा। यह G+1 भवन लगभग 63 हजार वर्गफीट क्षेत्र में निर्मित होगा, जिसमें एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे मेले के दौरान व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी और संचालन संभव हो सकेगा।उज्जैन में प्रस्तावित ये सभी परियोजनाएं न केवल धार्मिक महत्व को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को भी आधुनिक बनाएंगी। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे ये विकास कार्य उज्जैन को एक सुव्यवस्थित, सुगम और आकर्षक धार्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।