भोपाल, 12 मार्च 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विट्ठल मार्केट स्थित प्रसिद्ध दशहरा मैदान में आज भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्रहस्थ संत परम पूज्य देव प्रभाकर शास्त्री जी दद्दाजी की स्मृति में विश्व कल्याण, राष्ट्र कल्याण एवं प्रदेश कल्याण के उद्देश्य से आयोजित 137वें सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण महा रुद्राभिषेक एवं श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। यह पावन अनुष्ठान 12 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।यह आयोजन गोलोकवासी परम पूज्य गुरुदेव पण्डित देव प्रभाकर शास्त्री जी दद्दाजी के ज्येष्ठ पुत्र ग्रहस्थ संत डॉ. अनिल देव प्रभाकर शास्त्री (पूज्य बड़े भैया) के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है।कार्यक्रम के प्रथम दिवस सुबह से ही देशभर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दशहरा मैदान में उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मिट्टी की गोलियां बनाकर पार्थिव शिवलिंग निर्माण में श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। आचार्यों द्वारा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पार्थिव शिवलिंगों का महा रुद्राभिषेक किया गया, जिससे पूरा परिसर शिवमय वातावरण से गूंज उठा।इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से उपस्थित रहीं और पूज्य बड़े भैया से आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं परम पूज्य गुरुदेव दद्दाजी के कृपापात्र शिष्य एवं प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राजपाल यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य बड़े भैया से आशीर्वाद लेकर भोपालवासियों से इस पावन आयोजन में सपरिवार शामिल होने का आह्वान किया। राजपाल यादव ने कहा कि यह अनुष्ठान विश्व कल्याण का माध्यम है और सभी को शिवलिंग निर्माण में योगदान देना चाहिए।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि रुद्राभिषेक में उपयोग होने वाली समस्त पूजन सामग्री श्रद्धालुओं को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। भजन-कीर्तन और भक्तिमय संगीत ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।प्रथम दिवस में कुल 61 लाख 44 हजार 819 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया गया, जो इस विशाल धार्मिक आयोजन की महत्ता को दर्शाता है।शाम के समय भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार पंडाल में पहुंचे और मिट्टी की गोलियां तैयार करने की प्रक्रिया में भाग लिया। आयोजकों ने भोपाल के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन सुबह 7 बजे दशहरा मैदान, विट्ठल मार्केट पहुंचकर अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग बनाएं और इस महायज्ञ में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।पूज्य बड़े भैया ने अपने संबोधन में कहा कि यह अनुष्ठान गुरुदेव दद्दाजी की पावन स्मृति को समर्पित है और इसका उद्देश्य विश्व शांति, राष्ट्र उत्थान तथा समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का भी आयोजन किया जाएगा।सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह महायज्ञ भोपाल को एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। स्थानीय व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों ने भी इस आयोजन में सहयोग का भरोसा दिलाया है।।