युद्ध की अफवाहों के बीच मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार उपलब्ध,

Madhya Pradesh Petroleum Dealers Association ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और Strait of Hormuz को लेकर फैल रही अफवाहों के बावजूद मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं।एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और मांग के अनुसार आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मध्यप्रदेश में प्रतिदिन पेट्रोल की खपत लगभग 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। तेल कंपनियां हर वर्ष खपत के आधार पर स्टॉक रखती हैं और आमतौर पर पिछले वर्ष की तुलना में 8 से 10 प्रतिशत अधिक आपूर्ति की योजना बनाकर चलती हैं।जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर लगभग 4 से 5 दिन का स्टॉक, डिपो में करीब 8 दिन का और पाइपलाइन में लगभग 10 दिन का भंडार उपलब्ध रहता है। इसके अतिरिक्त टर्मिनल स्तर पर लगभग एक महीने का स्टॉक तथा रिफाइनरी स्तर पर भी करीब 30 दिन का अतिरिक्त भंडार मौजूद है।यदि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित भी होती है, तो वर्तमान उपयोग के आधार पर मध्यप्रदेश में उपलब्ध भंडार लगभग 60 से 90 दिनों तक चल सकता है। प्रदेश में लगभग 3,700 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं, जहां ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।इधर अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने भी पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की है। मंत्रालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य Rashmi Arun Shami ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की स्थिति पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान खपत के अनुसार पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।सरकार ने अधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *