भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित कृषि केबिनेट के उपरांत किसानों एवं प्रबुद्धजनों से सीधा संवाद करेंगे। इस संवाद में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि नवाचारों और बाजार विस्तार से जुड़े प्रयासों की जानकारी साझा की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की अपेक्षाओं और सुझावों को भी नीति निर्माण में शामिल किया जा रहा है। संवाद कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विकास, सिंचाई, फसल विविधीकरण, कृषि प्रसंस्करण और जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन पर विस्तार से चर्चा होगी।कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय विकास और कृषि आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से सरकार कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उत्पादन और आय में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है।इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्य जुलवानिया में आयोजित पारंपरिक भगोरिया हाट में भी सहभागिता करेंगे। भगोरिया हाट जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्साह की अनूठी झलक देखने को मिलती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और परंपरा को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि केबिनेट से जहां किसानों के लिए ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे, वहीं जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के माध्यम से सामाजिक समावेशन को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नागलवाड़ी में आयोजित यह ऐतिहासिक कृषि केबिनेट प्रदेश में कृषि और जनजातीय विकास के नए अध्याय की शुरुआत सिद्ध होगी।