
भोपाल। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस 24 फरवरी को राजधानी भोपाल में बड़ा राजनीतिक संदेश देने जा रही है। जवाहर चौक, अटल पथ पर आयोजित ‘किसान महाचौपाल’ को पार्टी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है, जहां राष्ट्रीय नेतृत्व सीधे किसानों से संवाद करेगा।कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi दोपहर 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge उनसे पहले लगभग 12 बजे पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। दोनों वरिष्ठ नेता लगभग पौने दो बजे मंच पर पहुंचेंगे और दोपहर 2 बजे से सभा को संबोधित करेंगे।प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम का आयोजन जवाहर चौक, अटल पथ पर किया जा रहा है। सभा स्थल पर दो विशाल डोम तैयार किए गए हैं और मंच पर लगभग 250 नेताओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस का दावा है कि महाचौपाल में करीब 50 हजार लोग शामिल होंगे। प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं और किसानों को बसों के माध्यम से भोपाल लाया जा रहा है।मंच पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh, Pawan Khera, प्रदेश प्रभारी Harish Chaudhary, पीसीसी अध्यक्ष Jitu Patwari, नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar सहित सांसद, विधायक और सभी जिला अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। इससे स्पष्ट है कि पार्टी इस आयोजन को प्रदेश में व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। महाचौपाल के माध्यम से पार्टी किसानों की आशंकाओं और मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति बना रही है। कार्यक्रम में कृषि, समर्थन मूल्य, आय सुरक्षा और बाजार पहुंच जैसे विषयों पर चर्चा की संभावना है।
इस आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना स्वयं बस चलाकर कार्यकर्ताओं को लेकर भोपाल पहुंच रहे हैं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रतीक बता रहे हैं।कुल मिलाकर, 24 फरवरी को आयोजित यह किसान महाचौपाल केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि ट्रेड समझौते के मुद्दे पर कांग्रेस का संगठित शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी और व्यापक संगठनात्मक भागीदारी इस कार्यक्रम को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बना रही है। पार्टी का उद्देश्य किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर अपनी नीति और दृष्टिकोण को स्पष्ट करना है।