छतरपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेटे-बेटियों के विवाह हेतु सामूहिक विवाह सबसे उत्तम और अनुकरणीय माध्यम है। समाज में बढ़ते खर्चीले विवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ सोच में परिवर्तन आवश्यक है। मितव्ययिता अपनाकर विवाह जैसे पवित्र संस्कार को सरल और सार्थक बनाया जा सकता है।मुख्यमंत्री शुक्रवार को बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह भी उज्जैन में सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न कराया है। अनावश्यक खर्च से बचत कर परिवार अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान दे सकते हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह एवं मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में फिजूलखर्ची और दिखावे को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम में हो रहे सामूहिक विवाह एक यज्ञ के समान हैं, जिनकी अच्छाइयां सदैव स्मरणीय रहती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छतरपुर में कैंसर अस्पताल की सौगात भारतीय संस्कृति और सेवा भावना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह हमारे 16 संस्कारों में सर्वश्रेष्ठ संस्कार है, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। सम्मेलन में विवाह बंधन में बंधे 300 नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि रोजगार या स्वरोजगार हेतु सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। राज्य शासन की मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया जैसी तिथियों पर सामूहिक विवाह आयोजित करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव को बल मिलेगा।बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा महाकाल का भव्य महाकाल लोक निर्मित हुआ है। स्थानीय विधायक श्री अरविंद पटेरिया ने बताया कि यह सातवां सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन है।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।