इमरान खान की आंख की रोशनी पर उठे सवाल, पाकिस्तान की राजनीति में नई हलचल,

इमरान खान की सेहत को लेकर सामने आई नई रिपोर्ट ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री की एक आंख की रोशनी लगभग 85 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। इस खबर के सामने आने के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं न मिलने के कारण इमरान खान की हालत बिगड़ी है।इमरान खान साल 2023 से जेल में बंद हैं और तब से उनकी सेहत को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में उनकी आंख की स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भेजा जाता है, तो यह एक तरह की राजनीतिक ‘डील’ भी हो सकती है। पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं, जब विपक्षी नेताओं को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जेल से बाहर आने या विदेश जाने की अनुमति मिली है।इस पूरे मामले पर शहबाज शरीफ सरकार के संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उनका कहना था कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक मेडिकल मामला समझा जाना चाहिए।तारिक फजल चौधरी ने यह भी कहा कि इमरान खान जहां भी अपना इलाज कराना चाहेंगे, सरकार उन्हें वहां ले जाने के लिए तैयार है। अगर वे अल-शिफा आई ट्रस्ट में जांच कराना चाहें तो उन्हें वहां ले जाया जाएगा। इसी तरह अगर अदालत या किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के अनुसार उन्हें किसी अन्य अस्पताल में इलाज की जरूरत होगी, तो सरकार उस दिशा में भी कदम उठाएगी।इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता की दाहिनी आंख की रोशनी को नुकसान सरकार की लापरवाही का नतीजा है। कासिम के अनुसार, इमरान खान को करीब 922 दिनों तक जेल में एकांत में रखा गया और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा

सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने दावा किया कि हर गुजरते दिन के साथ इमरान खान की तबीयत बिगड़ती जा रही है।इमरान खान इस समय अडियाला जेल में बंद हैं। उनकी सेहत से जुड़े मामले पर पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने भी संज्ञान लिया है। याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली पीठ ने हाल ही में इस मामले की सुनवाई शुरू की है। अदालत में इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी की ओर से यह मुद्दा उठाया गया कि उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है, खासकर आंख से जुड़ी समस्या को लेकर।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर इमरान खान को विदेश में इलाज की अनुमति मिलती है, तो यह पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। इससे एक तरफ सरकार पर नरमी दिखाने का आरोप लग सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह कदम राजनीतिक तनाव को कम करने की दिशा में भी देखा जा सकता है।फिलहाल पूरा मामला अदालत की निगरानी में है और सरकार ने इलाज के लिए हर संभव सुविधा देने का भरोसा दिलाया है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि इमरान खान को देश में ही इलाज मिलता है या उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी जाती है। उनकी सेहत से जुड़ा यह मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है और इस पर देश-विदेश की नजर बनी हुई है।

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