मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाओं को पुनः सक्रिय किया गया है। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी संबंधित हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों को साझा किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने “प्रगति” प्लेटफार्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के अधीन हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का सफल पुनर्वास इसका उदाहरण है। इसके साथ ही धार में पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी तालमेल से काम करते हैं, तो विकास की गति दोगुनी हो जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया है, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी और नियमित निगरानी होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों पर तो भव्य दिखाई देती थीं, लेकिन विभागीय समन्वय के अभाव में धरातल पर साकार नहीं हो पाती थीं। पीएमजी और प्रगति पोर्टल के माध्यम से इस पुरानी प्रणाली को समाप्त कर दशकों से लंबित परियोजनाओं को साकार किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम “प्रगति” और पीएमजी के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास—तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना ही सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है, और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व पटल पर भारत सरकार की एक विशिष्ट और भरोसेमंद छवि बनाई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का समान महत्व है।

“प्रगति” पोर्टल से देश की भू-गर्भ संपदा का दोहन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से बेहतर हुई है। इसके साथ ही 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन की सौगात से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी और इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल के माध्यम से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि पीएमजी समीक्षा में सामने आए 322 मुद्दों में से 312 तथा प्रगति पोर्टल के माध्यम से सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का समाधान किया गया है। इस प्रकार मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत समस्याओं का समाधान कर राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।