
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता भारतीयों के डीएनए में है। यह हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने कौशल से नई दिशा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और तकनीकी ज्ञान से रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्यमिता की पहचान केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्रहित से जुड़कर आगे बढ़ना है।मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो भी करें, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें और समाज को साथ लेकर आगे बढ़ें। राज्य सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आपके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई स्थापना और उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा, एग्रीकल्चर, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सार्थक है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की नींव रखेंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाए हैं। इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन और एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं। प्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, जिसे जीपीएस आधारित प्रणाली से और सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फरवरी में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में 6,400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं द्वारा संचालित हैं। नई स्टार्टअप नीति के तहत सीड फंड, निवेश कोष, ब्याज सहायता और पेटेंट सहायता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के लिए भविष्य का इकोनॉमिक पावर हाउस बन रहा है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और युवाओं के संकल्प से नया भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है।कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उद्यमी उपस्थित रहे। समिट में उद्यमशीलता, नव रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार पर विभिन्न सत्रों में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।