एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूची का घर-घर सत्यापन: भ्रम और चिंताओं को दूर करने की पहल,

रत निर्वाचन आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में दूसरे चरण का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) संचालित किया जा रहा है। इस अभियान को लेकर आम नागरिकों के मन में कई जिज्ञासाएँ और शंकाएँ उत्पन्न हो रही हैं—जैसे घर-घर फॉर्म बाँटने की आवश्यकता क्यों है, BLO दस्तावेज़ क्यों नहीं ले रहे, और कहीं उनका नाम मतदाता सूची से हट न जाए। इस संदर्भ में यह स्पष्टीकरण दिया जाता है कि SIR एक व्यवस्थित और व्यापक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। भारत जैसी बड़ी और विविधतापूर्ण जनसंख्या वाले लोकतांत्रिक देश में मतदाता सूची की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण, प्रवासन, मृतकों के नाम, दोहरे पंजीकरण, अशिक्षा तथा असमान पहुँच जैसी परिस्थितियों के कारण समय के साथ मतदाता सूची में अनेक त्रुटियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। इन्हीं त्रुटियों को दूर करने और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) आयोजित किया जाता है।1951 से 2004 तक कुल 8 बार SIR आयोजित किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और झारखंड में अंतिम SIR वर्ष 2003 में किया गया था, जबकि पश्चिम बंगाल, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि में 2002 में पुनरीक्षण हुआ था। कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह 2005 तक संपन्न किया गया। इस प्रकार लगभग 21 वर्षों से गहन सत्यापन न होने के कारण 2025–26 में आयोजित हो रहा यह SIR अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रथम चरण में बिहार में SIR सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और अब दूसरे चरण में 12 राज्यों में इसका संचालन जारी है। यह पुनरीक्षण 01 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर किया जा रहा है।

इस विशेष प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है—घर-घर जाकर मतदाताओं की वास्तविक उपस्थिति और पात्रता का भौतिक सत्यापन करना। इसके अंतर्गत बूथ स्तर अधिकारी (BLO) प्रत्येक घर पहुँचकर मतदाता की पहचान, पता, निवास स्थिति और पात्रता की पुष्टि करते हैं। BLO द्वारा प्रत्येक मतदाता को पूर्व-मुद्रित फॉर्म दिया जाता है, जिसमें नाम, EPIC नंबर, पता, फोटो, विधानसभा क्षेत्र आदि पहले से दर्ज होते हैं। मतदाता को इस जानकारी की जाँच कर आवश्यक संशोधनों सहित फॉर्म BLO को वापस करना होता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी उपलब्ध है, और ऐसे फॉर्म BLO के मोबाइल ऐप में स्वतः प्राप्त हो जाते हैं।महत्वपूर्ण रूप से, BLO इस घर-घर अभियान के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। यह बिहार में हुए SIR से सबसे बड़ा अंतर है। दस्तावेज़ केवल तभी प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी जब प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) द्वारा किसी विवरण के सत्यापन हेतु औपचारिक नोटिस जारी किया जाए। BLO के पास Form-6 और Declaration Form उपलब्ध रहते हैं ताकि यदि कोई नया मतदाता अपने नाम का पंजीकरण कराना चाहे या किसी अन्य राज्य/क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आया हो, तो उसे तुरंत फॉर्म उपलब्ध कराया जा सके। Form-6 के साथ घोषणा-पत्र देना अनिवार्य है, जिसमें आवेदक अपनी भारतीय नागरिकता और किसी अन्य क्षेत्र में नाम दर्ज न होने का आश्वासन देता है।

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