
गाजा युद्धविराम के बाद भारत और इजरायल ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) परियोजना पर तेज़ी से काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। इस सिलसिले में इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत का दौरा किया और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की।बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के विस्तार और क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। दोनों देशों ने परियोजना की गति बढ़ाने पर सहमति जताई।यह बैठक इजरायली विदेश मंत्री सार की भारत यात्रा के दौरान हुई, जो उनके कार्यभार संभालने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की भारत यात्रा की तैयारी
गिदोन सार की यह यात्रा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आगामी भारत यात्रा (दिसंबर 2025) से पूर्व हो रही है।यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की मध्यस्थता से गाजा युद्धविराम समझौता संपन्न हुआ है। इस समझौते के अंतर्गत कई बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई संभव हुई है।भारत सरकार का मानना है कि इस शांति प्रक्रिया से IMEC गलियारे पर कार्य में तेजी आएगी और भारत तथा यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
गाजा संघर्ष और शांति योजना का प्रभाव
हमास के इजरायल पर हमले में लगभग 1,200 लोगों की मृत्यु हुई थी और 250 नागरिकों को बंधक बनाया गया था। इसके जवाब में इजरायल द्वारा की गई कार्रवाई में गाजा क्षेत्र को भारी नुकसान पहुँचा, जिसमें लगभग 68,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मृत्यु हुई।अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में दोनों पक्ष एक शांति योजना पर सहमत हुए हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिरता की दिशा में नई राह खुली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना का स्वागत किया है।
उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा —
हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा का स्वागत करते हैं। यह योजना इजरायली और फिलिस्तीनी लोगों के साथ-साथ व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक शांति, सुरक्षा और विकास का व्यवहार्य मार्ग प्रस्तुत करती है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सदैव शांति, स्थिरता और समृद्धि की दिशा में हर रचनात्मक पहल का समर्थन करता रहा है।
भारत-इजरायल सहयोग की नई दिशा
IMEC गलियारा, जो भारत को मध्यपूर्व और यूरोप से जोड़ेगा, दोनों देशों के लिए रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है।गाजा युद्धविराम के बाद अब यह परियोजना एक नए चरण में प्रवेश करने जा रही है।भारत और इजरायल ने इस गलियारे को शांति और प्रगति के प्रतीक के रूप में विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया है।